Rashtriya Krishi Vikas Yojana हम इस लेख में Rashtriya Krishi Vikas Yojana से संबंधित जानकारी को बताए हुए है आप इस लेख में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से जुड़ी RKVY Scheme के लाभ, RKVY के उधेश्य, RKVY Full Form आदि जानकारी प्राप्त कर सकते है
Rashtriya Krishi Vikas Yojana RKVY राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को 29 मई 2007 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था Rashtriya Krishi Vikas Yojana को कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के विकास के उधेश्य से शुरू किया गया है RKVY Full Form – Rashtriya Krishi Vikas Yojana होता है निचे हम RKVY Scheme से जुड़ी जानकारी बताए हुए है
Rashtriya Krishi Vikas Yojana को कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित के लिए वर्ष 2007 में शुरू किया गया | इस योजना को 11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना में लागु किया गया था इस योजना को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के साथ राज्य योजना के अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता (एसीए) के रूप में शुरू किया गया था
Rashtriya Krishi Vikas Yojana को वर्ष 2014-15 में एक केन्द्रीय परियोजना में परिवर्तित किया गया | जिसे वर्ष 2015-16 से केंद्र और राज्य के बिच 60:40 (पूर्वोत्तर राज्यों एवं हिमालयी राज्य के बिच 90:10) के अनुपात में संशोधन किया गया | केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 100% अनुदान है
इस योजना को 1 नवंबर 2017 को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेविवाई- रफ्तार योजना) के रूप में पुन: शुरू किया गया था जिसके लिए भारत सरकार ने 15,722 करोड़ रूपये के बजट आवंटन के साथ 3 वर्षों के अवधि के लिए कृषि और संबंध्द क्षेत्र पुनरुध्दार हेतु लाभकारी दृष्टिकोण (आरकेविवाई- रफ्तार) के रूप में शुरू किया गया था
| योजना का नाम | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना |
| आरम्भ की गयी | केंद्र सरकार द्वारा |
| उधेश्य | कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में विकास करना |
| लाभार्थी | देश के किसान |
| कब शुरू की गयी | 29 मई 2007 |
| अधिकारिक वेबसाइट | Rkvy.nic.in |
| सरकारी योजना | Pmmodiyojnaa.com |
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का मुख्य उधेश्य कृषि एव संबंधित क्षेत्रों के विकास गतिविधियों को चुनने के अनुमति प्रदान करते हुए कृषि एवं संबंध्द क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के उधेश्य से शुरू किया गया है कृषि और संबंध्द क्षेत्रों में सार्वजानिक निवेश को बढ़ावा देना और राज्यों को प्रोत्साहन करना है
राज्यों को कृषि एवं संबंध्द योजनाओं के नियोजन एवं निष्पादन की प्रक्रिया में लचीलापन और स्वायत्तता प्रदान करना और कृषि जलवायु परिस्थितियों, प्रधोगिकियों एवं प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर जिला और राज्यों हेतु कृषि योजना बनाई जाए भी एक प्रमुख उधेश्य है
- फसल के खेती
- बागवानी
- मछली पालन
- पशु पालन
- डेयरी विकास
- कृषि अनुसंधान और शिक्षा
- कृषि वित्तीय संस्थान
- कृषि विपणन
- मृदा और जल संरक्षण
- खाध भंडारण और भंडारण
- अन्य कृषि कार्यक्रम और सहयोग |
- इस योजना के तहत कृषि एवं संबंध्द क्षेत्रों में समग्र विकास को सुनिश्चित करना है
- कृषि एव संबंधित क्षेत्रों के विकास गतिविधियों को राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को चुनने के अनुमति प्रदान की जाती है
- केंद्र सरकार द्वारा 29 मई 2007 को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को शुरू किया गया था
- Rashtriya Krishi Vikas Yojana को वर्ष 2014-15 में एक केन्द्रीय परियोजना में परिवर्तित किया गया
- जिसे वर्ष 2015-16 से केंद्र और राज्य के बिच 60:40 (पूर्वोत्तर राज्यों एवं हिमालयी राज्य के बिच 90:10) के अनुपात में संशोधन किया गया | केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 100% अनुदान है
- राष्ट्रीय विकास योजना को 1 नवंबर 2017 को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेविवाई- रफ्तार योजना) के रूप में पुन: शुरू किया गया था
- भारत सरकार ने 15,722 करोड़ रूपये के बजट आवंटन के साथ 2017-18 से 2019-20 तक 3 वर्षों के अवधि के लिए कृषि और संबंध्द क्षेत्र पुनरुध्दार हेतु लाभकारी दृष्टिकोण (आरकेविवाई- रफ्तार) के रूप में ब्रांडेड किया गया था
- देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पात्र है |
- राज्य कृषि योजनाएं (SAPs) और जिला कृषि योजनाएं (DAPs) बनाई जा चुकी है
- राज्य कृषि और संबंध्द क्षेत्रों के लिए कम से कम एक अनुपात खर्च करते है और इसके आलावा उन्हें सामंत किसानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए |
- अधार कार्ड
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- सबसे पहले अधिकारिक वेबसाइट पर जाना है
- इसके बाद अप्लाई नाउ के आप्शन पर क्लिक करना है
- इसके बाद एक पेज खुल कर आएगा इस पेज पर आवेदन फॉर्म खुल कर आएगा
- आवेदन फॉर्म में पूछी गई जानकारी को भरना है और मांगी गई दस्तावेज को अपलोड करना है
- इसके बाद सबमिट के आप्शन पर क्लिक कर देना है
- इस प्रकार से आवेदन कर सकते है




